ग्वालियर हादसा: सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन, CSP हटाए गए; 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की मदद

 

 

शीतला माता मंदिर के पास बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 12 लोगों की मौत और कई घायल

भोपाल/ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस और यातायात व्यवस्था में कथित लापरवाही को लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे में श्रद्धालुओं की मौत के बाद झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को हटाने तथा आठ पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायल लोगों को दो-दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों का नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित करने को कहा है।

हादसे के बाद पुलिस विभाग में कार्रवाई

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शीतला माता मंदिर के पास हुई दुर्घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। कार्रवाई के तहत झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को हटाने तथा तीन थाना प्रभारियों सहित आठ पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।

निलंबन की कार्रवाई जिन अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध बताई गई है, उनमें झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव, आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा, झांसी रोड के ट्रैफिक थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी, निरीक्षक यातायात राघवेंद्र जादौन, प्रधान आरक्षक सुशील द्विवेदी तथा आरक्षक किशन खन्ना, अनिल जैतपुरिया और पवन सेंगर शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाओं में जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। सरकार का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही न हो।

रात डेढ़ बजे श्रद्धालुओं की भीड़ में घुसा ट्रक

जानकारी के अनुसार, हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे शीतला माता मंदिर के पास हुआ। नवरात्रि के कारण मंदिर परिसर और आसपास के मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही थी। इसी दौरान चीनौर की ओर से आ रहा धान से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं की भीड़ में घुस गया।

बताया गया है कि ट्रक पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए सड़क किनारे लगी प्रसाद की दुकानों को रौंदता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार तक पहुंच गया। इसके बाद वाहन मंदिर के गेट और बाहरी दीवार से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दीवार का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों, पुलिस तथा बचाव दल ने राहत कार्य शुरू किया।

मृतकों के परिजनों और घायलों को आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे के बाद प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। राज्य शासन की ओर से घोषित सहायता का विवरण इस प्रकार है:

मृतकों के परिजनों को: 4-4 लाख रुपये।

गंभीर रूप से घायलों को: 2-2 लाख रुपये।

अन्य घायलों को: 50-50 हजार रुपये।

उपचार: सभी घायलों का नि:शुल्क इलाज कराने के निर्देश।

प्रभावित परिवारों के ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री ने संबंधित मंत्रियों एदल सिंह कंषाना और राकेश शुक्ला को ग्वालियर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश भी दिए हैं।

ट्रक की तकनीकी खराबी की आशंका, जांच जारी

प्रारंभिक जानकारी में ट्रक में तकनीकी खराबी की आशंका जताई गई है, लेकिन दुर्घटना का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल यह निश्चित नहीं है कि ट्रक के अनियंत्रित होने की वजह ब्रेक संबंधी समस्या थी, कोई दूसरी तकनीकी खराबी थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।

जांच में वाहन की तकनीकी स्थिति के साथ-साथ दुर्घटनास्थल की परिस्थितियों और सुरक्षा इंतजामों की भी पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। खास तौर पर यह सवाल उठ रहा है कि भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने के बावजूद ट्रक बैरिकेडिंग पार कर श्रद्धालुओं की भीड़ तक कैसे पहुंच गया।

धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

ग्वालियर की यह दुर्घटना धार्मिक स्थलों के आसपास यातायात नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। नवरात्रि जैसे अवसरों पर मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रोक, मजबूत बैरिकेडिंग, पर्याप्त पुलिस बल और आपातकालीन रास्तों की उपलब्धता बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री की ओर से की गई कार्रवाई के बाद अब जांच के निष्कर्ष और सुरक्षा व्यवस्था में सामने आने वाली कमियों पर प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को आर्थिक सहायता और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना फिलहाल प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल से की प्रार्थना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुर्घटना में दिवंगत लोगों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए बाबा महाकाल से उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

सरकार की ओर से कार्रवाई और राहत के निर्देशों के बीच अब सबसे अहम सवाल यह है कि हादसे की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की जांच से क्या तथ्य सामने आते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन से ठोस कदम उठाए जाते हैं।