मध्य प्रदेश की सियासत में हरदीप सिंह पुरी की एंट्री, राज्यसभा उपचुनाव के लिए भरा नामांकन

 राज्यसभा उपचुनाव के भाजपा उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी भोपाल पहुंचे, 11 बजे विधानसभा में भरा नामांकन, 12 नवंबर को होगा मतदान

 

भोपाल। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश में आगामी राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है. आज शनिवार को हरदीप सिंह पुरी राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है. इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सहित कई नेता मौजूद रहे।

भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति ने 28 अक्टूबर को उन्हें मध्य प्रदेश से प्रत्याशी घोषित किया था. पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद से ये सीट खाली थी. हरदीप सिंह पुरी शुक्रवार को भोपाल पहुंचे थे. जहां पार्टी के नेताओं ने राजाभोज एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया. इसके बाद भाजपा कार्यालय पहुंचे. जहां पार्टी के संस्थापक सदस्यों कुशाभाऊ ठाकरे और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।

सीएम मोहन यादव ने कहा कि, ”भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को लोकसभा उपचुनाव के लिए भाजपा का उम्मीदवार बनाया है. हरदीप सिंह पुरी ने मध्य प्रदेश के विकास के लिए कई सौगातें दी हैं.”

12 नवंबर को होगा मतदान

भोपाल पहुंचे हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार सुबह 11 बजे विधानसभा में नामांकन दाखिल किया. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर, नामांकन पत्रों की जांच 3 नवंबर और नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 5 नवंबर तय की गई है. इस सीट पर 12 नवंबर 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा. 16 नवंबर तक ये चुनाव सम्पन्न कर लिये जाएंगे. इस सीट पर निर्वाचित होने वाले सदस्य का कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक रहेगा।

उत्तर प्रदेश कोटे से पहुंचे राज्यसभा

हरदीप सिंह पुरी का जन्म 15 फरवरी 1952 को नई दिल्ली में हुआ था. 2014 में राजनीति का रुख करने से पहले हरदीप सिंह पुरी भारतीय विदेश सेवा में रहे. पुरी का उत्तर प्रदेश से वर्तमान राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है. ऐसे में पार्टी ने उन्हें मध्य प्रदेश के रास्ते एक बार फिर उच्च सदन भेजने का बड़ा दांव खेला है. हालांकि कांग्रेस ने हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर सवाल उठाएं हैं. कांग्रेस का कहना है कि, हरदीप सिंह पुरी का एपस्टीन फाइल्स प्रकरण में नाम सामने आया है. ऐसे व्यक्ति को मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाना अपमानजनक है. क्या भाजपा को कोई और सीनियर नेता नहीं मिला।

मुरुगन के इस्तीफे के बाद से खाली थी सीट

डॉ. एल मुरुगन ने 14 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिपरिषद और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था. वह संसदीय कार्य तथा सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री थे. राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका कार्यकाल दो अप्रैल, 2030 को समाप्त होना था. इस्तीफा देते समय मुरुगन ने कहा था कि वह भाजपा को तमिलनाडु में मजबूत करने पर ध्यान देना चाहते हैं. उसके बाद से ही राज्यसभा की सीट खाली थी।