40 फीट गहरे कुएं में समाई कार, चार युवकों ने मौत को दी मात; कांच तोड़कर बचाई जान
40 फीट गहरे कुएं में समाई कार, चार युवकों ने मौत को दी मात; कांच तोड़कर बचाई जान
भोपाल के निपानिया जाट में देर रात हुआ बड़ा हादसा, करीब ढाई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन; भारी डंपरों की आवाजाही को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
भोपाल। राजधानी भोपाल के निपानिया जाट में एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां चार युवकों से भरी कार अनियंत्रित होकर पानी से भरे करीब 40 फीट गहरे कुएं में जा गिरी। कार के कुएं में गिरते ही उसमें सवार युवकों के सामने जान बचाने का संकट खड़ा हो गया, लेकिन सूझबूझ और साहस दिखाते हुए चारों युवकों ने कार के कांच तोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया। चारों युवक तैरना जानते थे, जिसके चलते वे पानी से बाहर निकलने में सफल रहे। स्थानीय लोगों की मदद से करीब ढाई घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद चारों युवकों और कार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार, कार में प्रेम सिंह लोधी, ज्ञान सिंह लोधी सहित कुल चार युवक सवार थे। निपानिया जाट क्षेत्र में कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे स्थित पानी से भरे गहरे कुएं में जा गिरी। हादसे के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। कुएं में कार के डूबने के दौरान युवकों ने हिम्मत नहीं हारी और कार के कांच तोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया। इसके बाद चारों युवक पानी से बाहर निकलने में कामयाब रहे।
स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू में की मदद
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में मदद की। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। कुएं की गहराई और उसमें भरे पानी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण रहा। करीब ढाई घंटे तक चले प्रयासों के बाद चारों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके साथ ही कार को भी कुएं से बाहर निकालने में सफलता मिली। हादसे में चारों युवकों की जान बचने से परिजनों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
भारी डंपरों की आवाजाही पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद निपानिया जाट-कनेरा मार्ग पर रात के समय भारी डंपरों की आवाजाही को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने इस मार्ग पर रात में गिट्टी और मुरम से भरे डंपरों के लगातार आवागमन पर नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों का इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं है।
एक साल पहले शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
मोहन सिंह जाट ने आरोप लगाया कि निपानिया जाट-कनेरा मार्ग पर रात के समय चलने वाले गिट्टी-मुरम के भारी डंपरों को लेकर करीब एक साल पहले कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी गई थी। इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण और जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाते, तो इस तरह के हादसों की आशंका को कम किया जा सकता था।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण मार्गों पर रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही, सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गनीमत रही कि कार में सवार चारों युवक तैरना जानते थे और समय रहते बाहर निकलने में सफल रहे, अन्यथा 40 फीट गहरे पानी से भरे कुएं में कार गिरने का यह हादसा बेहद गंभीर रूप ले सकता था।

