धार में लोकायुक्त का ट्रैप: बिजली कंपनी का लाइन परिचालक 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ाया
तीन महीने से स्थायी बिजली कनेक्शन के नाम पर मांगी जा रही थी रिश्वत, शिकायत के बाद लोकायुक्त इंदौर ने की कार्रवाई
धार/बदनावर। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने धार जिले के बदनावर में बिजली कंपनी के एक लाइन परिचालक को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी पर शिकायतकर्ता के पिता के नाम पर दर्ज अस्थायी बिजली कनेक्शन को स्थायी कराने के बदले 20,000 रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, आरोपी पहले ही 10,000 रुपये नकद और 5,000 रुपये ऑनलाइन ले चुका था। शेष राशि में से 4,000 रुपये लेते समय लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया।
स्थायी बिजली कनेक्शन के लिए मांगी थी रिश्वत
लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता राजेश दास (38), निवासी ग्राम बालोदा माझी, तहसील बदनावर, जिला धार ने 22 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के पिता के नाम पर अस्थायी बिजली कनेक्शन था, जिसे स्थायी कराने के लिए उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन दिया था।
आरोप है कि इस काम को पूरा करने के बदले बिजली कंपनी में पदस्थ लाइन परिचालक सौरभ कुमार जैन (35) ने करीब तीन महीने पहले 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपी 10,000 रुपये नकद और 5,000 रुपये ऑनलाइन पहले ही प्राप्त कर चुका था। शेष रकम में से 4,000 रुपये देने के लिए वह लगातार दबाव बना रहा था।
शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देश पर शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने संबंधी आरोपों की पुष्टि होने पर 23 अक्टूबर 2026 को ट्रैप की योजना बनाई गई।
पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन में निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के बदनावर ग्रामीण कार्यालय में कार्रवाई करते हुए आरोपी सौरभ कुमार जैन को शिकायतकर्ता से 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
ट्रैप कार्रवाई में निरीक्षक सचिन पटेरिया के साथ प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आरक्षक आदित्य सिंह भदौरिया, पवन पटोरिया, सतीश यादव और कृष्ण अहिरवार शामिल रहे।

