शासकीय निर्माण के लिए भू-अर्जन पर किसानों को चार गुना मुआवजा

मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों में मरीजो के परिजनों के लिए बनेंगे विश्रामगृह

 

भोपाल।

मोहन कैबिनेट ने आज किसानों और किसान संगठनों की मांग पर किसान हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए शासकीय सार्वजनिक निर्माणो के लिए किसानों की जमीनों के अर्जन पर चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों की जमीन पर मरीजों के परिजन के लिए विश्राम गृह बनाने का निर्णय भी कैबिनेट में लिया  गया।

इसके लिए मध्यप्रदेश भूमि अर्जन पुनर्वासन अधिनियम और केन्द्र सरकार के 2013 के एक्ट के तहत मल्टीफिकेशन फैक्टर का उपयोग किया जाएगा पहले एक फैक्टर पर दुगना मुआवजा मिलता था अब इसे दो फैक्टर पर लाया जाएगा इससे गावों में कृषि भूमि के अर्जन पर अब चार गुना मुआवजा मिल सकेगा।

अस्पतालों में परिजनों के लिए विश्राम गृह और सीएम केयर योजना को मंजूरी

मुख्यमंत्री समग्र एवं उन्नत तृतीयक स्वास्थ्य सेवा संस्था सुदृढ़ीकरण योजना(सीएम केयर)योजना के माध्यम से तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के एक सशक्त हब के रुप में शासकीय और स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों और निजी क्षेत्रों में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत आंकोलाजी, कार्डियोलॉजी, कार्डियक सर्जरी तथा अंग प्रत्यारोपण इकाईयों की स्थापना शासकीय निवेश के साथ निजी भागीदारी के पूंजी निवेश के जरिए करने के प्रस्ताव को आज कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। वहीं प्रदेश में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में रिक्त भूूमि पर मरीज और उनके परिजनों के लिए परिजन आवासा की स्थापना के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव के तहत प्रदेश के चुने हुए चिकित्सा महाविद्यालय परिसरों में परोपकारी संस्थाओं के माध्यम से परिजन विश्राम गृह बनाए जाएंगे। संस्थाएं ऐसे परिजन विश्राम गृह की स्थापना अपने वित्तीय संसाधनों से करेगी जिसके लिए सरकार कोई वित्तीय सहायता नहीं देगी। स्थापना के बाद संस्था ऐसे विश्राम गृह को न लाभ न हानि के सिद्धांत पर चलाएगी। संस्था द्वारा सेवाओं के लिए लिया जाने वाला शुल्क निर्धरण शासन द्वारा गठित समिति द्वारा किया जाएगा। इस व्यवस्था से मरीजो के परिजनों को बेहतर व्यवस्था कम दरों पर मिलेगी और मानसिक रुप से बेहतर स्थिति में होंगे जिसका सीधा सीधा लाभ अस्पताल की व्यवस्था पर पड़ेगा और व्यवस्था सुचारु होगी। एक अन्य प्रस्ताव में सीएम केयर योजना के तहत निजी भागीदारनी से विशेषज्ञता, नवीनतम तकनीक और पंूजी निवेश का उपयोग कर सेवाओं की उन्नत गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

मंडला में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के निर्माण के लिए 347 करोड़ 39 लाख रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय मंजूरी दी गई। पहले इस काम के लिए 249 करोड़ 63 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई थी।

मुख्यमंत्री यंग प्रोफेशनल फॉर डेवलपमेंट प्रोग्राम को तीन वर्ष के लिए प्रारंभ करने एवं क्रियान्वयन के लिए 23 करोड़ 90 लाख रुपए की मंजूरी भी कैबिनेट ने दी। छटवे राज्य वित्त आयोग के कार्यो के सुचारु संचालन के लिए आयोग के कार्यकाल अवधि हेतु 15 पदों के सृजन की मंजूरी दी गई।

उज्जैन जिले में इंदौख-रुद्राहेड़ा सूक्ष्म सिचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रुपए की मंजूरी दी गई। इससे उज्जैन जिले की झारडा तहसील के पैतीस गांवों में 10 हजार 800 हेक्टेयर में सिचाई हो सकेगी। एक अन्य प्रस्ताव में छिंदवाड़ा सिचाई काम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास हेतु 840 करोड़ 80 लाख रुपए के स्थान पर त्वरित क्रियान्वयन और विस्थापितों के अपेक्षित सहयोग हेतु केन बेतवा अंतरराज्यीय नदी जोड़ो परियोजना के समकक्ष विशेष पुनर्वास पैकेज हेतु कुल 968 कोड़ 76 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई।

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के माध्यम से सड़कों का निर्माण को निरंतर जारी रखने 7 हजार 212 करोड़ रुपए की निरंतरता को मंजूरी दी गई। लोक वित्त से पोषित योजना एवं कार्यक्रमों के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा ग्रामीण सड़कों एवं अन्य जिला मार्गो के निर्माण , उन्नयन को निरंतर रखने 8 हजार 150 करोड़ की मंजूरी दी गई। नवीन सड़कों एवं अन्य जिला मार्गो का नव निर्माण , उन्नयन , पुलों का निर्माण, सड़कों का निर्माण, सर्वेक्षण, अतिविशिष्ट अतिथियों के आगमन एवं कार्यक्रम की व्यवस्था और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी कार्यो के लिए 1087 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई। विशेष मरम्मत,, गैर आवासीय भवनों की विशेष मरम्मत, विश्राम गृह की मरम्मत, मंत्रिपरिषद के सदस्यों के आवास की साज सज्जा और संधारण तथा विभागीय परिसम्पत्तियों के संधारण के लिए 765 करोड़ की मंजूरी दी गई। वृहद पुलों के निर्माण के कामों को निरंजर जारी रखने 9950 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई।

शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान के वेतन भत्ते, कार्यालय व्यय और संस्थान सुदृढ़ीकरण योजना के तहत 12 सौ करोड़ 44 लाख रुपए की मंजूरी दी गई। नि:शुल्क सायकल प्रदाय योजना के लिए 990 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई।