सांची ब्रांड के उन्नयन के लिए 2 हजार 973 करोड रुपए की योजना को मंजूरी

 

भोपाल।

मध्यप्रदेश में पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों के लिए अच्छी खबर ह।ै राज्य सरकार सांची ब्रांड के उन्नयन के लिए राज्य सरकार एमपीसीडीएफ दुग्ध संघों और एनडीडी, के मध्य निष्पादित अनुबंध के तहत पांच वर्षीय योजना का क्रियान्वयन करने जा रही है। मंगलवार को इस योजना के लिए 2 हजार 973 करोड़ की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी कैबिनेट में दी गई।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षा में हुई कैबिनेट बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से रखे गए इस प्रस्ताव में इस योजना के तह मध्यप्रदेश के दुग्ध उत्पादकों के हित, सहकारी प्रणाली को सुदृढ़ करने के साथ ही सांची ब्रांड का उन्नयन किया जाएगा। इस योजना के तहत तेरह अप्रैल 2025 को राज्य शासन, दुग्ध संघों, एमपीसीडीएफ और एनडीडीबी के मध्य हुए अनुबंध के क्रियान्वयन के लिए पांच साल का लक्ष्य तय किया गया है। इसमें गांवों में सहकारी दुग्ध समितियों का विस्तार 7 हजार 331 से बढ़ाकर 26 हजार गांवों तक किया जाएगा। 21 हजार एनडीडीबी तथा शेष प्रोडयूसर कंपनी करेगी। दुग्ध संकलन के लिए दैनिक दुग्ध संकलन बारह लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम किया जाएगा। इसमें 46 लाख एमपीसीडीएफ था 6 लाख मिल्क प्रोडयूसर कंपनी करेगी। प्रसंस्करण क्षमता में विस्तार किया जाएगा। मौजूदा दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता को 17.8 लाख लीटर प्रति दिन से बढ़ाकर 63.3 लाख लीटर प्रति दिन किया जाएगा। विक्रय एवं कृत्रिम गर्भाधान में इजाफा होगा। पैकेट दूध बिक्री सात से पैतीस लाख लीटर प्रति दिन और कृत्रिम गर्भाधान कवरेज पंद्रह प्रतिशत से पचास प्रतिशत किया जाएगा।

इस योजना के तहत बुनियादी ढांचे के विकास हेतु राज्य सरकार द्वारा पांच सौ करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। इसमें भारत सरकार की योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृतियों के अनुरुप 241 करोड़ रुपए का राज्यांश मिलेगा। केन्द्रीय योजनाएं एवं ऋण भी इसमें मिलेगा। केन्द्रीय योजनाओं एनपीडीडी 2.0, एएचाईडीएफ, आरजीएम से 497 करोड़ तथा दुग्ध संघों एमपीसीडीएफ से 558 करोड़ का कर्ज मिलेगा। पशु आहार व संयंत्रों हेतु एमएसएमई विभाग के माध्यम से पीपीपी मोड पर 489 करोड़, पांच सौ करोड़ के अनुदान से निर्मित बुनियादी ढांचे का स्वामित्व पशुपालन एवं डेयरी विभाग के पास रहेगा।

इस योजना से दुग्ध उत्पादक किसानों को संगठित सहकारी क्षेत्र से जोड़कर उचित व पारदर्शी मूल्य दिलाना संभव होगा जिससे ग्रामीण आय में इजाफा होगा। सांची ब्रांड की विपणन गतिविधियों को सुदृढ् कर राष्टÑीय बाजार एवं निर्यात के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। दुग्ध संग्रह, परिवहन और प्रसंस्करण में आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण और एंड टू एंड डिजिटलाइजेशन होगा। दीर्घकालिक कर्ज हेतु राज्य स्तरीय स्टीयनिंग कमेटभ् की पूर्व अनुमति तथा निश्चित डेब्ट रिकवरी प्लान अनिवार्य रुप से मिलेगा। अनुदान से निर्मित परिसंपत्तियों का स्वमित्व राज्य शासन के पास रहेगा। कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित अंतर विभागीय मानीटरिंग कमेटी द्वारा योजना की समीक्षा एवं मध्यांतर सुधार हो सकेगा।

बीना-खिमलासा- मालथौन के बीच 28 सौ करोड़ से बनेगा फोरलेन, पश्चिम भोपाल बॉयपास होगा फोरलेन

 

 

मेहलुआ-बीना-खिमलासा-मालथोन के बीच दो लेन मार्ग को फोरलेन में तब्दील किया जाएगा। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बननेवाले इस मार्ग के लिए आज कैबिनेट ने 2776.83 करोड़ रुपए की मंजूरी प्रदान की वहीं हाइब्रिउ एन्युटी मॉडल के अंतर्गत पश्चिम भोपाल बॉयपास का फोर लेन मय पेव्हड शोल्डर निर्माण किए जाने के लिए 35.61 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत की प्रशासकी मंजूरी आज कैबिनेट ने प्रदान की।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मेहलुा चौराहा से मालथौन टाउन के बीच एनएच 44 पर 67.116 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोर लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ उन्नयन करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इसमें 2776.83 करोड़ रुपए खर्च होंगे। भू अर्जन के लिए इसमें 428.94 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। वर्तमान में सात मीटर दो लेन मार्ग है। मेहलुआ-बीना मार्ग का निर्माण 2014 तथा बीना खिमलासा मालथौन मार्ग का निर्माण 2013 में बीओटी टोल योजना के तहत किया गया था। इस पर फोर लेन के मानक से अधिक दबाव है। विदिशा चंदेरी और नार्थ साउथ कारीडोर को जोड़कर यह मार्ग हीरापुर बीना को क्रास करता है। इससे बीना में बीपीसीएल रिफायनरी थर्मल पावर प्लांट, रेलवे यार्ड एवं प्रमुख उद्योगों के कारण भारी वाहनों का आवागमन होता है इसके बनने से औद्योगिक विकास में गति आएगी। विभिन्न नगरों के चार बाइपास जिनमें कुरवाई,लायरा, खिमलासा, बीना का निर्माण भी होगा। इनकी कुल लंबाई 19.07 किलोमीटर होगी। सड़क निर्माण के बार पंद्रह साल तक संधारण कांट्रेक्टर करेगा।

एक अन्य प्रस्ताव में हाईब्रिड एन्युटी मॉडल पर भोपाल पश्चिमी बाइपास का फोर लेन मय पेव्हड शोल्डर में उन्नयन की मंजूरी दी गई। इसमें 35.61 किलोमीटर मार्ग 3 हजार 225.51 करोड़ से बनेगा। इसमे जबलपुर, मंडीदीप, नर्मदापुरम से आने वाले वाहनों एवं रातीबढ़ तथा आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा। नवीन पश्चिमूी बाइपास भोपाल के निर्माण से इंदौर जाने वाले वाहनों को 21 किलोमीटर की दूरी कम तय करनी पड़ेगी। इंदौर भोपाल-जबलपुर हाई स्पीड ग्रीन फील्ड सिक्स लेन हाईवे भी पश्चिती बाइपास से जुड़ जाएगा। औद्योगिक विकास तेज होगा।

बैठक में ए साई मनोहर को सीएम का सलाहकार बनाए जाने पर चर्चा की गई।