MP News: भोपाल पहुंचा मध्यप्रदेश सरकार का नया शाही जेट, ₹250 करोड़ के बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 से उड़ान भरेंगे CM और VIP; 45 दिन का इंतजार

 

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार को करीब पांच साल बाद अपना नया विमान मिल गया है। मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी के हवाई सफर के लिए खरीदा गया अत्याधुनिक बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 जेट भोपाल के स्टेट हैंगर पहुंच गया है। करीब 250 करोड़ रुपये की लागत वाले इस विमान के आने के साथ ही प्रदेश सरकार के हवाई बेड़े में आधुनिक सुविधाओं से लैस एक नया अध्याय जुड़ गया है। हालांकि, विमान के पहुंचने के बावजूद मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी को इससे उड़ान भरने के लिए अभी करीब 45 दिन का इंतजार करना पड़ सकता है। विमान को परिचालन की अनुमति मिलने से पहले कई जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं।

250 करोड़ का जेट, अब उड़ान की तैयारी

मध्यप्रदेश सरकार का नया विमान बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 अपनी आधुनिक तकनीक, लंबी दूरी तक उड़ान भरने की क्षमता और आरामदायक केबिन के लिए जाना जाता है। सरकार ने मुख्यमंत्री और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों की यात्राओं को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से इस विमान की खरीद को जुलाई 2024 में मंजूरी दी थी।

अब विमान भोपाल पहुंच चुका है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार की विमान खरीद प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है। हालांकि, विमान को नियमित रूप से इस्तेमाल में लाने से पहले नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से संबंधित मंजूरियां, पंजीयन और तकनीकी जांच जैसी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।

इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही विमान को उड़ान संचालन के लिए तैयार माना जाएगा। फिलहाल, इसके लिए लगभग 45 दिन का समय लगने की संभावना जताई जा रही है।

विमान में नौ यात्रियों के बैठने की व्यवस्था

बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 को बिजनेस जेट श्रेणी का अत्याधुनिक विमान माना जाता है। इसमें नौ यात्रियों के बैठने की व्यवस्था बताई गई है। विमान का केबिन इस तरह तैयार किया गया है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान भी यात्रियों को आराम और सुविधा मिल सके।

करीब 6,297 किलोमीटर तक उड़ान भरने की क्षमता के साथ यह विमान प्रदेश के प्रमुख शहरों से देश के विभिन्न हिस्सों तक सरकारी यात्राओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। इसकी लंबी दूरी तक उड़ान भरने की क्षमता से यात्रा की योजना बनाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री की आधिकारिक यात्राओं, महत्वपूर्ण बैठकों और अन्य वीआईपी दौरों के दौरान विमान का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे समय की बचत और यात्रा व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।

चार्टर्ड विमानों पर खर्च घटाने की उम्मीद

नए विमान की खरीद के पीछे सरकार का एक प्रमुख उद्देश्य चार्टर्ड विमानों पर होने वाले खर्च को कम करना भी बताया गया है। सरकार का दावा है कि अपना विमान उपलब्ध होने से चार्टर्ड विमानों पर होने वाला मासिक खर्च घटकर मौजूदा खर्च के लगभग एक-तिहाई तक रह सकता है।

हालांकि, इस बचत का वास्तविक आकलन विमान के परिचालन शुरू होने के बाद ही किया जा सकेगा। विमान के रखरखाव, ईंधन, पायलट और अन्य कर्मचारियों, बीमा तथा तकनीकी सेवाओं पर होने वाला खर्च भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यदि सरकार की अनुमानित बचत हासिल होती है, तो लंबे समय में सरकारी यात्राओं के खर्च को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। दूसरी ओर, विमान की खरीद पर हुए बड़े निवेश और उसके संचालन की कुल लागत का आकलन भी जरूरी होगा, ताकि इसकी आर्थिक उपयोगिता का स्पष्ट चित्र सामने आ सके।

पांच साल बाद अपने विमान से उड़ान भरेगी सरकार

नए जेट के आने को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि करीब पांच साल बाद मध्यप्रदेश सरकार के अपने विमान से दोबारा उड़ान भरने की तैयारी है। इस अवधि में सरकारी हवाई यात्राओं के लिए चार्टर्ड विमानों पर निर्भरता रही है।

अब नया विमान स्टेट हैंगर पहुंचने के बाद सरकार की नजरें आवश्यक मंजूरियों और तकनीकी प्रक्रियाओं के पूरा होने पर हैं। पंजीयन, सुरक्षा और तकनीकी जांच की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही इसके नियमित इस्तेमाल का रास्ता साफ होगा।

फिलहाल, भोपाल के स्टेट हैंगर में खड़ा यह नया शाही जेट अपनी पहली आधिकारिक उड़ान का इंतजार कर रहा है। करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से खरीदे गए इस विमान से सरकार को यात्रा में सुविधा और खर्च में कमी की उम्मीद है। लेकिन इन उम्मीदों की वास्तविक परीक्षा तब होगी, जब विमान उड़ान संचालन शुरू करेगा और उसके परिचालन खर्च तथा चार्टर्ड विमानों पर होने वाली बचत के आंकड़े सामने आएंगे।