श्राद्ध में क्यों कराया जाता है कौवे को भोजन, गरुड़ पुराण में छुपा है रहस्य! हरिद्वार के विद्वान से जानें सब
पितृ पक्ष के में अपने पूर्वजों, पितरों की आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए पिंडदान, श्राद्धकर्म, तर्पण आदि करने का विशेष महत्व बताया गया हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन मास की अमावस्या पर समाप्त होता है. इस साल 17 सितंबर से पितृ पक्ष की…

