तीन दशक बाद हमाल को मिला इंसाफ, हाईकोर्ट ने वापस दिलाई टाइपिस्ट की नौकरी
बिलासपुर। तीन दशक से भी अधिक समय के संघर्ष के बाद, धनीराम साहू को आखिरकार इंसाफ मिला। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय कोनी में उसे टाइपिस्ट के पद पर पुन: नियुक्ति का आदेश दिया। यह फैसला कॉलेज प्रबंधन की मनमानी के खिलाफ आया, जिसने 1999 में धनीराम को अचानक से टाइपिस्ट पद से…

