आयुष्मान घोटाले की जांच में अपर कलेक्टर सपना लोवंशी की संपत्तियों पर EOW की नजर,IAS प्रमोशन पर भी संकट!
वेतन से लेकर चल-अचल संपत्ति और खरीदी की अनुमति तक का मांगा ब्योरा, 2007 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी के प्रमोशन से पहले जांच ने बढ़ाई हलचल
इंदौर। मध्य प्रदेश के चर्चित आयुष्मान भारत योजना मामले में इंदौर में पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सपना लोवंशी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW), भोपाल इस मामले में चल रही जांच के तहत उनकी संपत्तियों और सेवा संबंधी जानकारियां जुटा रहा है। इसके लिए जांच एजेंसी ने इंदौर जिला प्रशासन और संभागायुक्त कार्यालय से विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें वेतन, चल-अचल संपत्ति और संपत्ति खरीदने के लिए ली गई अनुमति से संबंधित विवरण शामिल हैं।
सपना लोवंशी वर्तमान में इंदौर संभागायुक्त कार्यालय में उपायुक्त (राजस्व) के पद पर पदस्थ हैं। वे 2007 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। इसी वर्ष भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नति के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया प्रस्तावित होने के बीच EOW की जांच उनके प्रमोशन की राह में बाधा बन सकती है। हालांकि, पदोन्नति पर अंतिम निर्णय संबंधित नियमों और सक्षम प्राधिकारी के फैसले पर निर्भर करेगा।
संपत्तियों का ब्योरा जुटा रही जांच एजेंसी
आयुष्मान योजना से जुड़े मामले में भोपाल EOW में शिकायत क्रमांक 418/22 दर्ज है। इसी शिकायत की जांच के सिलसिले में एजेंसी ने सपना लोवंशी से संबंधित जानकारियां मांगी हैं। जिला प्रशासन और संभागायुक्त कार्यालय से उनके वेतन, चल-अचल संपत्तियों तथा संपत्ति अर्जित करने के लिए आवश्यक अनुमति लेने के संबंध में विवरण मांगा गया है।
जांच एजेंसी इन जानकारियों के माध्यम से अधिकारी की सेवा संबंधी और संपत्ति संबंधी स्थिति का ब्योरा जुटा रही है। फिलहाल इस कार्रवाई को जांच की प्रक्रिया के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। केवल जानकारी मांगे जाने से किसी तरह का अपराध सिद्ध नहीं होता।
दिसंबर 2022 में वायरल वीडियो से शुरू हुआ था विवाद
सपना लोवंशी का नाम आयुष्मान भारत योजना से जुड़े विवाद में दिसंबर 2022 में सामने आया था। उस समय एक कार के भीतर का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें विमल लोवंशी नाम का व्यक्ति एक अस्पताल का भुगतान कराने के बदले नौ लाख रुपये की रिश्वत की बात करता दिखाई दिया था। विमल को कथित तौर पर सपना लोवंशी का देवर बताया गया था।
वीडियो सामने आने के समय सपना लोवंशी स्वास्थ्य विभाग में अपर संचालक और आयुष्मान भारत निरामयम् की कार्यपालन अधिकारी के पद पर कार्यरत थीं। मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी थी। इसके बाद योजना के तत्कालीन सीईओ अनुराग चौधरी को पद से हटा दिया गया था, जबकि सपना लोवंशी का तबादला इंदौर कलेक्टोरेट में अपर कलेक्टर के पद पर कर दिया गया था।
बाद में सितंबर 2024 में उनका एक बार फिर तबादला हुआ और उन्हें इंदौर कलेक्टोरेट से संभागायुक्त कार्यालय में उपायुक्त (राजस्व) के पद पर पदस्थ किया गया।
500 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप
आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों को किए गए भुगतान का मामला विधानसभा से लेकर राजनीतिक मंचों तक उठ चुका है। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि प्रदेश में 422 निजी अस्पतालों को भुगतान के नाम पर करीब 500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। पार्टी ने इस मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
इस मुद्दे को कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने भी विधानसभा में उठाया था। वीडियो वायरल होने के बाद जांच के आदेश दिए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन संबंधित जांच रिपोर्ट की स्थिति को लेकर भी सवाल उठते रहे। आरोप लगाए गए कि अधिकारी के प्रमोशन के समय जांच रिपोर्ट सामने नहीं आने से मामला विवादों में है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और जांच रिपोर्ट की वर्तमान स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
दूसरी ओर, राज्य सरकार ने विधानसभा में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों में बताया था कि मार्च 2020 से दिसंबर 2022 के बीच आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख से अधिक मरीजों का इलाज किया गया और इस अवधि में उपचार पर कुल 1,610 करोड़ रुपये खर्च हुए।
IAS पदोन्नति से पहले बढ़ी प्रशासनिक हलचल
मध्य प्रदेश में इस वर्ष 13 अधिकारियों को IAS में पदोन्नति देने के लिए DPC की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसमें 2007 और 2008 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर विचार किया जाना है। सपना लोवंशी भी पदोन्नति की संभावित सूची में शामिल बताई जा रही हैं।
ऐसे में EOW की जांच और संपत्तियों से संबंधित जानकारी जुटाने की कार्रवाई महत्वपूर्ण हो गई है। पदोन्नति के दौरान संबंधित अधिकारी की सेवा संबंधी स्थिति और लागू नियमों के तहत आवश्यक जांच या सतर्कता संबंधी जानकारी पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि जांच के कारण उनका नाम पदोन्नति सूची से बाहर हो जाएगा।
संपत्ति जांच से बढ़ी मामले की अहमियत
आयुष्मान योजना विवाद में वायरल वीडियो, कथित रिश्वत की बातचीत, जांच रिपोर्ट को लेकर उठे सवाल और अब संपत्तियों का ब्योरा मांगे जाने से मामला एक बार फिर चर्चा में है। EOW की ओर से मांगी गई जानकारियों के आधार पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर नजर रहेगी।
फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि जांच एजेंसी को सपना लोवंशी की संपत्तियों और सेवा संबंधी दस्तावेजों से क्या जानकारी मिलती है और इसका उनकी संभावित IAS पदोन्नति की प्रक्रिया पर कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


