‘दशहरे के दिन जबलपुर के राम का हरण हो गया’, IAS रामप्रकाश अहिरवार के तबादले पर BJP विधायक की पोस्ट से सियासी हलचल
भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल के बीच जबलपुर नगर निगम आयुक्त रहे आईएएस अधिकारी रामप्रकाश अहिरवार का तबादला अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा विधायक अजय विश्नोई की सोशल मीडिया पोस्ट ने इस तबादले को नया मोड़ दे दिया। विश्नोई ने अधिकारी के स्थानांतरण पर टिप्पणी करते हुए लिखा, ‘दशहरे के दिन जबलपुर के राम का हरण हो गया।’ पोस्ट में रामप्रकाश अहिरवार की तस्वीर भी साझा की गई थी। टिप्पणी को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताई और मामला चर्चा में आ गया। विवाद बढ़ने के बीच विधायक ने पोस्ट डिलीट कर दी।
रामप्रकाश अहिरवार के तबादले पर क्यों मचा बवाल?
2018 बैच के आईएएस अधिकारी रामप्रकाश अहिरवार जबलपुर नगर निगम आयुक्त के पद पर पदस्थ थे। रविवार रात जारी प्रशासनिक फेरबदल के आदेश में उन्हें भोपाल नगर निगम आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके साथ ही उन्हें मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कंपनी में अपर प्रबंध संचालक का दायित्व भी दिया गया।
तबादले के बाद भाजपा विधायक अजय विश्नोई की पोस्ट सामने आई। इसमें उन्होंने अधिकारी के नाम को भगवान राम के संदर्भ से जोड़ते हुए दशहरे के दिन ‘राम के हरण’ की टिप्पणी की। पोस्ट में अधिकारी की तस्वीर के साथ उनके जबलपुर से स्थानांतरण का उल्लेख भी किया गया था।
कांग्रेस ने उठाए सवाल, पोस्ट हटाने से बढ़ी चर्चा
विश्नोई की टिप्पणी सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। कांग्रेस ने पोस्ट पर आपत्ति जताते हुए अधिकारी के नाम की भगवान राम के संदर्भ में की गई तुलना पर सवाल उठाए। इसके बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
विवाद के बीच विधायक ने अपनी पोस्ट हटा दी। हालांकि, उन्होंने पोस्ट डिलीट करने के पीछे की वजह सार्वजनिक नहीं की है। न ही इस मामले में उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पोस्ट हटाने का फैसला किस कारण लिया गया।
बेबाक टिप्पणियों के लिए चर्चा में रहते हैं विश्नोई
भाजपा विधायक अजय विश्नोई अपनी बेबाक टिप्पणियों और सोशल मीडिया पर व्यक्त किए जाने वाले विचारों को लेकर पहले भी राजनीतिक हलकों में चर्चा में रहे हैं। इस बार उनकी एक पंक्ति ने प्रशासनिक तबादले को राजनीतिक बहस से जोड़ दिया है।
फिलहाल, रामप्रकाश अहिरवार के तबादले और विधायक की टिप्पणी को लेकर चर्चाएं जारी हैं। पोस्ट हटाए जाने के बावजूद उसके आशय और उसे डिलीट किए जाने की वजह पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि विधायक इस पूरे मामले में कोई सफाई देते हैं या नहीं।

