स्टेट जीएसटी के अफसर मनीष कुमार जैन के 3 ठिकानों पर लोकायुक्त छापा,आय से 264.64% अधिक संपत्ति मिली

 

जबलपुर, सागर-भोपाल में कई प्लॉट और मकान

जबलपुर। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार सुबह राज्य जीएसटी विभाग के वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के ठिकानों पर दबिश दी। जबलपुर, भोपाल और सागर में एक साथ सर्चिंग की कार्रवाई की जा रही है।

 

लोकायुक्त की शुरुआती जांच में अधिकारी की कुल आय 1 करोड़ 3 लाख 73 हजार 317 रुपए के मुकाबले 3 करोड़ 78 लाख 25 हजार 707 रुपए का व्यय सामने आया है। लोकायुक्त के अनुसार यह व्यय उनकी ज्ञात आय का 364.64% है, जबकि आय से अधिक व्यय का अनुपात 264.64% है।

लोकायुक्त एसपी अंजूलता पटले को मनीष कुमार जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। निरीक्षक बृज मोहन सिंह नरवरिया ने शिकायत का सत्यापन किया।

जानकारी प्रथमदृष्टया सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। मंगलवार 27 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से छापे की कार्रवाई शुरू हुई।

लोकायुक्त की अब तक की जांच में अधिकारी के साथ उनकी पत्नी निधि जैन, पिता कोमलचंद जैन और माता शशि जैन के नाम पर भी संपत्तियों का विवरण सामने आया है। इनमें जबलपुर और भोपाल में जमीन, प्लॉट, बंगला और फ्लैट के अलावा सागर जिले के बंडा में प्लॉट पर बने मकान शामिल हैं। पत्नी के नाम पर मारुति स्विफ्ट कार और सुजुकी एक्सेस वाहन खरीदने तथा अधिकारी और परिवार के सदस्यों के नाम बीमा पॉलिसियां होने की जानकारी भी दी गई है।

मनीष कुमार जैन का निवास जबलपुर की रिलाएबल डेवलपर कॉलोनी में है। वे वाणिज्यिक कर अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं और उनकी वर्तमान पदस्थापना दमोह बताई गई है। लोकायुक्त की टीमें संपत्तियों और खर्च से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। कार्रवाई पूरी होने और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद संपत्ति के वास्तविक मूल्य तथा आय के स्रोतों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।