मैहर बीपीएल घोटाला: नियम ताक पर रख 111 लोगों को दिलाया सरकारी लाभ, मामला दर्ज
-एक नंबर, दो हितग्राही! मैहर के बीपीएल घोटाले ने खोली प्रशासनिक लापरवाही की परतें
-छह अधिकारी ईओडब्ल्यू के शिकंजे में
मैहर, 25 जून। मध्यप्रदेश के मैहर जिले में फर्जी बीपीएल प्रमाण पत्र जारी कर अपात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) रीवा ने इस मामले में छह अधिकारियों सहित अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 111 अपात्र व्यक्तियों के नाम गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) सूची में शामिल किए गए, जिससे वे वर्ष 2018 से अब तक शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का अनुचित लाभ लेते रहे। इससे शासन को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
जांच में यह भी पाया गया कि पटवारी की सर्वे रिपोर्ट और तहसीलदार के सत्यापन अथवा लिखित अनुशंसा के बिना ही बीपीएल सूची में नाम जोड़े गए। कई मामलों में एक ही बीपीएल क्रमांक पर दो-दो हितग्राहियों के नाम दर्ज किए गए, जो गंभीर प्रशासनिक अनियमितता मानी जा रही है।
ईओडब्ल्यू मुख्यालय भोपाल को प्राप्त शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जनपद पंचायत मैहर में निर्धारित नियमों और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के दिशा-निर्देशों की अनदेखी कर फर्जी बीपीएल प्रमाण पत्र जारी किए गए। शिकायत के सत्यापन के बाद आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि तत्कालीन सक्षम अधिकारियों ने बीपीएल सूची का विधिवत संधारण नहीं किया और तहसीलदार के लिखित आदेश अथवा अनुशंसा के अभाव में पात्रता से बाहर लोगों को सूची में शामिल कर दिया गया।
ईओडब्ल्यू ने इस मामले में तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी वेदमणि मिश्रा और आर.एन. शर्मा, सहायक विकास विस्तार अधिकारी प्रेमलाल गौतम, तत्कालीन विकासखंड अधिकारी सुदामा प्रसाद चौरसिया, तत्कालीन बीपीएल प्रभारी दीपक मिश्रा, वर्तमान बीपीएल प्रभारी रामसुन्दर मिश्रा तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 409 और 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधन अधिनियम 2018) की धारा 13(1)(ए) एवं 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है।
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच के दौरान अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

