इंटर्न डॉक्टरों की स्टाइपेंड पचास फीसदी बढ़ी, लाठी चार्ज में दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच,आंदोलन खत्म,काम पर लौटे

भोपाल। मध्यप्रदेश के प्रदेशव्यापी आंदोलन के बाद सरकार ने उनकी मांगे मान ली है। इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड 50% बढ़ाने और आंदोलनकारी इंटर्न पर लाठीचार्ज मामले में 2 पुलिसकर्मी लाइन अटैच करने का निर्णय लिया गया है। मांगे मान लिये जाने के बाद

मध्यप्रदेश में तीन दिन से चल रहा इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया। सभी काम पर वापस लौट आए हैं।

अब इंटर्न डॉक्टरों को ₹21,500 मासिक स्टाइपेंड मिलेगा। यानी स्टाइपेंड में 50% की बढ़ोतरी की गई है।इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल के मामले में भी कार्रवाई हुई है। दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है।

डिप्टी CM और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इंटर्न डॉक्टरों, जूनियर डॉक्टरों और एमटीए प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।बैठक के बाद सरकार ने इंटर्न डॉक्टरों की मांग मान ली।अब उन्हें हर महीने 21,500 रुपए स्टाइपेंड मिलेगा।

मंत्री ने कहा कि सरकार डॉक्टरों की मांगों को ध्यान में रखकर फैसला ले रही है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इंटर्न डॉक्टरों के हित में फैसला लिया है।आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर भी विवाद हुआ था।अब इस मामले की जांच के लिए टीम बनाई गई है।साथ ही दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है।

घायल छात्रों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

 तीन दिन चला आंदोलन

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टर तीन दिन से आंदोलन कर रहे थे।भोपाल में कमला पार्क के पास बड़ा प्रदर्शन हुआ।इसका असर सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा।हालांकि, सीनियर डॉक्टरों ने मरीजों को संभाला।लेकिन कई सेवाएं प्रभावित रहीं।

हमीदिया में OPD और ऑपरेशन पर असर

भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बुधवार दोपहर 12 बजे तक OPD सेवाएं प्रभावित रहीं।कई मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी।खासकर किडनी और लिवर के मरीजों को दिक्कत हुई।ऑपरेशन पर भी असर पड़ा।बुधवार को हमीदिया में सिर्फ 2 ऑपरेशन हुए।जबकि सामान्य दिनों में यहां 40 से ज्यादा ऑपरेशन होते हैं।

बातचीत के बाद बनी सहमति

आखिरकार सरकार और डॉक्टरों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई।इसके बाद स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला सामने आया।  पुलिस कार्रवाई के मामले में भी जांच और दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच करने की घोषणा हुई।इसके साथ ही इंटर्न डॉक्टरों ने आंदोलन खत्म कर दिया।स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों से मरीजों की सेवा पर ध्यान देने की अपील की।उन्होंने कहा कि डॉक्टर देश की बड़ी ताकत हैं।सरकार उनके हितों को ध्यान में रखकर काम कर रही है।