सीजेपी के 3 नेता रात 3 बजे गिरफ्तार,5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश के बाद CJP के आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए।
नई दिल्ली।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
तीनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में रात करीब 3 बजे उन्हें गिरफ्तार किया गया। मामले में पुलिस कार्रवाई की वजह प्रदर्शन स्थल पर प्रवेश, बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप बताए गए हैं।
CJP की लीगल टीम प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी।तीनों को तिहाड़ जेल भेजे जाने की संभावना भी जताई गई है।जंतर-मंतर के गेट पर चढ़कर पहुंचे थे प्रदर्शनकारी
CJP नेताओं ने 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश की थी।
पुलिस के मुताबिक, वहां बैरिकेडिंग की गई थी और सभी गेट बंद थे।इसके बावजूद प्रदर्शनकारी गेट के ऊपर से चढ़कर अंदर पहुंचे।इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।रत्ना सिंह के अनुसार, तीनों नेताओं पर बिना अनुमति प्रदर्शन स्थल में प्रवेश करने, बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप हैं।अब मामले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश दिया गया है।
11 अक्टूबर को ₹50-50 हजार के मुचलके पर मिली थी रिहाई
इससे पहले भी CJP नेताओं को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा था।पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाने की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को प्रदर्शन का ऐलान किया था।इसी दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से हिरासत में लिया गया था।
अगले दिन, 11 अक्टूबर को तीनों को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया।अदालत की कार्यवाही के बाद उन्हें ₹50-50 हजार के जमानती मुचलके पर रिहा किया गया था।रिहाई के साथ एक साल तक शांति बनाए रखने और शांति भंग करने वाली गतिविधियों से दूर रहने की शर्त भी बताई गई थी।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली
12 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया।केंद्र सरकार ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया।करीब 33 साल पहले इसे विरोध-प्रदर्शनों के लिए तय किया गया था।जंतर-मंतर पर पहले अन्ना आंदोलन और पहलवानों के विरोध प्रदर्शन जैसे बड़े आंदोलन हो चुके हैं।CJP ने भी यहीं प्रदर्शन की योजना बनाई थी।बताया गया कि गृह मंत्रालय की समिति की सिफारिश पर दिल्ली में रामलीला मैदान,बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को प्रदर्शन स्थलों के रूप में तय किया गया है।
CJP की मांगों पर टकराव जारी
CJP ने 12 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR पर रोक की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी।हालांकि, दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद 13 अक्टूबर को प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने की कोशिश हुई।इसके बाद तीन नेताओं की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत का मामला सामने आया।

