दो दिन पहले रखा नौकर, फिर घर में मिली रिटायर्ड IAS की लाश; सूरजनगर हत्याकांड से भोपाल में सनसनी
भोपाल। राजधानी भोपाल के सूरजनगर इलाके में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या से सनसनी फैल गई। रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित उनके घर में उनका शव मिला। प्रारंभिक जांच में गले पर धरदार हथियार से चोट के निशान सामने आए हैं। घटना के बाद घर में करीब दो दिन पहले काम पर रखा गया नौकर गायब है। ऐसे में पुलिस की जांच में उसकी भूमिका भी अहम कड़ी बन गई है। हालांकि, पुलिस ने अभी उसकी संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पत्नी के साथ रहते थे रिटायर्ड आईएएस
राकेश अग्रवाल सूरजनगर स्थित अपने घर में पत्नी के साथ रहते थे। घर के अंदर उनके शव मिलने की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। आरोपियों की जांच के दौरान पुलिस को गले पर धरदार हथियार से चोट के निशान मिले। इसके आधार पर पुलिस हत्या की धमकी के तहत जांच कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर संजय कुमार सहित सीनियर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आरोपियों का निरीक्षण किया। घर को सुरक्षित कर एफएसएल टीम को बुलाया गया। टीम ने मौके से संभावित सबूत जुटाए हैं। पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार सहित अन्य महत्वपूर्ण सुराग तलाश रही है।
दो दिन पहले ही रखा गया था नौकर
पुलिस की जांच में सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई है कि राकेश अग्रवाल ने घटना से करीब दो दिन पहले ही एक नौकर को काम पर रखा था। हत्या के बाद से वह नौकर गायब है। यही वजह है कि पुलिस अब उसकी तलाश में जीती है।
पुलिस उसके मोबाइल नंबर, संभावित ठिकानों और परिचितों के बारे में जानकारी जुटा रही है। उसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई हैं। हालांकि, केवल घटना के बाद उसके गायब होने के आधार पर उसकी संलिप्तता तय नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।
सीसीटीवी फुटेज से मिल सकते हैं अहम सुराग
पुलिस अब घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले और बाद में घर के आसपास कौन-कौन आया और गया था।
नौकर घर से कब निकला, उसके बाद किस दिशा में गया और रास्ते में वह किन लोगों के संपर्क में आया, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
हत्या की वजह अभी सामने नहीं आई
अगर हत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो रही है। पुलिस लूट, व्यक्तिगत विवाद सहित अन्य संभावित कारणों को भी जांच के दायरे में बढ़ाकर आगे बढ़ रही है। घर से कोई सामान गायब हुआ है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
सुरक्षात्मक रिपोर्ट और एफएसएल जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर और जानकारी मिल सकती है। पुलिस ने पकड़े गए लोगों से मिले सबूतों और सीसीटीवी फुटेज को सिलसिलेवार मामले की जांच कर रही है।
1982 बैच के आईएएस अधिकारी थे राकेश अग्रवाल
राकेश अग्रवाल 1982 बैच के आईएएस अधिकारी थे। प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वे 1 दिसंबर 2011 से जून 2016 तक नरोन्हा प्रशासन अकादमी के महानिदेशक रहे। इसी पद पर रहते हुए वे सेवानिवृत्त हुए थे।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकी हत्या की परिस्थितियों का पता लगाने, गायब नौकर की तलाश करने और आरोपियों से मिले सबूतों के आधार पर कार्रवाई तक पहुंच की है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हत्या के कारण और इसमें शामिल व्यक्ति या व्यक्तियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जानकारी।

