एक्सपायरी शराब बेचकर ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के आरोप में मुरैना के जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह गुर्जर निलंबित


310 पेटी अवधि पार देशी शराब दुकानों पर भेजी गई, आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने की सख्त कार्रवाई
मुरैना/ग्वालियर। मुरैना में शराब ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए एक्सपायरी डेट की देशी शराब विभिन्न दुकानों पर भेजकर उसकी बिक्री कराने के गंभीर आरोपों के बाद कार्यवाहक जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह गुर्जर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत यह कार्रवाई की है।
मामले का खुलासा मीडिया में प्रकाशित उस खबर के बाद हुआ, जिसमें मद्यभाण्डागार मुरैना से 260 पेटी एक्सपायरी देशी शराब ठेकों पर भेजे जाने और उसके बिक जाने का उल्लेख किया गया था। इसके बाद कलेक्टर मुरैना ने डिप्टी कलेक्टर प्रतिज्ञा शर्मा की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच दल गठित किया।
जांच में पाया गया कि जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह गुर्जर और तत्कालीन मद्यभाण्डागार अधिकारी की लॉगिन आईडी एवं डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग कर 9 जून, 12 जून और 15 जून 2026 को कुल 310 पेटी अवधि पार देशी मदिरा विभिन्न कम्पोजिट शराब दुकानों को जारी की गई। यह शराब 25 अप्रैल 2025 को निर्मित हुई थी और नियमानुसार 25 अप्रैल 2026 को इसकी वैधता समाप्त हो चुकी थी।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपायरी हो चुकी शराब को नष्ट कराने के बजाय उसे नियमों के विपरीत दुकानों तक पहुंचाया गया, जिससे थोक प्रदाय अनुज्ञप्तिधारी को अनुचित लाभ मिला। अधिकारियों ने यह भी माना कि प्लास्टिक पीईटी बोतलों में पैक अवधि पार शराब के सेवन से मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है।
आदेश में कहा गया है कि श्री गुर्जर का यह कृत्य शासकीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही तथा सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है। इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय आबकारी आयुक्त कार्यालय, ग्वालियर निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
यह कार्रवाई प्रदेश में शराब कारोबार से जुड़े मामलों में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

