बिरसा में मारे गए बैगा बच्चों की आत्मा की शांति के लिए आयुष चिकित्सको ने किया हवन
भोपाल।
बालाघाट जिले के बिरसा क्षेत्र में मारे गए 43 बैगा बच्चों की आत्मा की शांति के लिए कोविड 19 आयुष चिकित्सक संघ मध्यप्रदेश एवं पैरामेडिकल स्टॉफ भोपाल के नीलम पार्क में दोपहर में हवन करके प्रदर्शन किया।
आयुष चिकित्सक संघ मध्यप्रदेश के अध्यक्ष डॉ अनिल पटेल का कहना है कि बिरसा के आदिवासी अंचल में अस्पतालों में डॉक्टर नहीं है। कंपाउंडर के भरोसे स्वास्थ्य सुविधाएं चल रही है। कोविड के समय अपनी जान की बाजी लगाकर लोगों की जान बचाने वाले आयुष चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टॉफ को राज्य सरकार ने बजट की कमी बताकर बाहर कर दिया है। पूरे प्रदेश में चार हजार 26 चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टॉफ को बाहर कर दिया गया है। यदि यह आदिवासी अंचलों में तैनात होते तो बैगा बच्चों की जानें नहीं जाती। इसलिए सरकार की इस लापरवाही और सद्बुद्धि लाने और मृत बैगा बच्चों की आत्मा की शांति के लिए हम नीलम पार्क में हवन कर रहहे है।
पटेल का कहना है कि कोविड के समय जब सरकार को जरुरत थी और सरकारी अस्पतालों से नियमित चिकित्सक भाग रहे थे तब सरकार ने हमे काम पर रखा। अब बजट की कमी का बहाना बनाया जा रहा है। यूपी, बिहार,पंजाब और हरियाणा में कोविड के समय रखे गए स्टाफ को वापस रखा जा चुका है लेकिन मध्यप्रदेश सरकार के आयुष महकमें में हमारी सुनवाई नहीं हो रही है। पटैल का कहना है कि पांच अक्टूबर से आयुष चिकित्सक और पैरामेडिकल पुन: बहाली की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ रहे है।

