मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन का निधन, 76 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस; उज्जैन ने खोया जनप्रिय नेता

 

भोपाल/उज्जैन। मध्य प्रदेश की राजनीति के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से प्रदेश की राजनीति, सामाजिक और धार्मिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे पारस चंद्र जैन अपनी सादगी, संगठन क्षमता और जनता से सीधे जुड़ाव के लिए पहचाने जाते थे।

पारस चंद्र जैन लंबे समय तक उज्जैन की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे। उन्होंने कई बार विधायक के रूप में जनता का प्रतिनिधित्व किया और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रहते हुए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाली। प्रशासनिक अनुभव, विकास कार्यों और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की उनकी कार्यशैली को व्यापक सराहना मिली।

उज्जैन जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले शहर के विकास में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। महाकाल नगरी से जुड़े अनेक विकास कार्यों, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच भी अपनी अलग पहचान बनाई।

पारस चंद्र जैन का राजनीतिक जीवन अनुशासन, सादगी और जनसेवा के मूल्यों से प्रेरित रहा। वे जनता के बीच सहज उपलब्ध रहने वाले नेताओं में गिने जाते थे। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी दलों के नेताओं से उनके सौहार्दपूर्ण संबंध रहे, जिसके कारण उन्हें व्यापक सम्मान प्राप्त था।

उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और बड़ी संख्या में समर्थकों ने गहरा शोक व्यक्त किया। अनेक नेताओं ने उन्हें प्रदेश की राजनीति की अपूरणीय क्षति बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

पारस चंद्र जैन के निधन के साथ मध्य प्रदेश ने एक ऐसे जननेता को खो दिया, जिन्होंने दशकों तक जनसेवा और विकास को अपनी राजनीति का आधार बनाया। उनका योगदान प्रदेश की राजनीति और उज्जैन के विकास के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।